1567076498img_9113
Anju Bansal
10 Sep 2019 . 1 min read

जानिए मोटापा होने से आपमें क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं


Share the Article :

obesity in hindi obesity in hindi

मोटापा अनेक बीमारियों की जड़ मानी जाती है। आज की व्यस्त जीवनशैली, खानपान और तनाव के कारण महिलाएं जो लापरवाही करती है उसे यह खामियाजा मोटापे के रूप में निभाना पड़ता है। मोटापे से कई गंभीर बीमारियां होने का डर रहता है। इसलिए मोटापा हर हाल में हमारे लिए हानिकारक है। तो आइए जानते हैं महिलाओं में मोटापे के बारे में पूरी जानकारी।

मोटापे के बुरे प्रभाव

मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो हमें शारीरिक परेशानियों के साथ-साथ मानसिक तनाव भी देता है। अगर हम यह समझते हैं कि मोटा हुआ तो क्या हो गया। परंतु आपका यह जानना आवश्यक हैं कि मोटा होने से कई बार गंभीर बीमारियां भी पैदा हो सकती है। इसके लक्षण व वुरे प्रभाव जानिए:

  • जो महिलाएं ज्यादा मोटी होती हैं उन्हें छोटे-छोटे काम करने में भी सांस फूल जाती है और पसीना आने लगता है।
  • ज्यादा मोटापा आपकी निद्रा को भी असंतुलित करता है। आपको या तो अधिक नींद आती है या फिर कम।
  • इसकी वजह से थोड़ा सा पैदल चलते ही थकान होती है।
  • शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन भी आ जाती है।
  • शरीर के अलग-अलग भागों में वसा जमा हो जाती है।
  • ज्यादा मोटापे से मधुमेह टाइप 2 होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
  • हृदय रोग होने की भी संभावना बढ़ जाती है।
  • कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर भी बढ़ने की संभावना रहती है।
  • मोटापे की वजह से फैटी लीवर की भी संभावना बढ़ जाती है।
  • हार्मोन असंतुलन होने की संभावना होती है।
  • गठिया और जीवन शक्ति में कमी आना भी मोटापे का एक अहम कारण है।

महिलाओं में मोटापा होने के कारण

#1. अनियमित खानपान

अक्सर देखा गया है कि हम आजकल एक ही समय में बहुत खाना कहा लेते है जो कि पूरी तरह से गलत है। इसकी बजाये आपको अपने भोजन को छोटे-छोटे आहार में थोड़े-थोड़े अंतराल में लेना चाहिए। इसके अलावा जो महिलाएं ज्यादा मिठाई या मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करती हैं उन महिलाओं का पाचन तंत्र सही नहीं रहता और उनका वजन भी ज्यादा बढ़ता है।

#2. पौष्टिक आहार का सेवन कम करना

इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि ज्यादातर बाहर का खाना, जंक फूड और ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन करना। जो महिलाएं अधिक सूखे, मसालेदार, ज्यादा कैलोरी वाले और तेल से भरे खाद्य पदार्थों का सेवन करती हैं और फलों और हरी सब्जियों का कम सेवन करती हैं तो आपका पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। यदि आप रोजाना  पौष्टिक आहार ग्रहण नहीं करती हैं तो आपके शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है। ऐसे खाद्य पदार्थ आपके शरीर में वसा के संचय के लिए जिम्मेदार होते हैं जिसके कारण मोटापा बढ़ने लगता है।

#3. पर्याप्त नींद न लेना

जो महिलाएं पूरा आराम नहीं करती है यानी जिन महिलाओं की नींद पूरी नहीं होती या फिर जो आवश्यकता से ज्यादा  नींद लेती है तो यह भी आपके मोटापे का एक मुख्य कारण हो सकता हैं। आपके शरीर की कैलोरी को जलाने के लिए आपका दिन में 7 से 8 घंटे सोना आवश्यक है। ज्यादा नींद लेना भी आपको निष्क्रियता या फिर धीमी चयापचय की ओर ले जाता है।

#4. किसी दवाई का सेवन

यदि आप किसी विशेष रोग से पीड़ित हैं तो उस बीमारी से संबंधित दवाइयां आपमें मोटापा ला सकती है। वैसे तो यह जरुरी नहीं है परंतु कई बार ऐसा हो सकता है। जैसे अर्थराइटिस से भी शरीर की सक्रियता कम होने के कारण शरीर में मोटापा फैलता है। कुछ ऐसी दवाइयां भी है जो मोटापे को ज्यादा बढ़ाती करती हैं। अगर आप इन दवाइयों के साथ-साथ अपने आहार और सक्रियता में परिवर्तन नहीं लाती हैं तो यह आपके शरीर को मोटापे की ओर मोड़ देता है।

#5. अपने स्वास्थ्य को लेकर सक्रिय ना होना

कुछ महिलाएं बिल्कुल भी सक्रिय नहीं होती है। योगा करना, व्यायाम करना या सैर करना इन कामों से कोसों दूर रहती हैं और यह सब उदासीनता मोटापे का कारण बनती है। अगर आप भी यह चाहती हैं कि आप फिट एंड फाइन रहे तो इसके लिए आपको गतिशील होना पड़ेगा ताकि आप मोटापे से छुटकारा पा सके।

#6. चयापचय प्रणाली

आपके शरीर में मोटापा लाने के लिए चयापचय प्रणाली भी काफी जिम्मेदार होती हैं। जिन महिलाओं के चयापचय प्रणाली कुशल और तेजी से काम करती है वे उनके शरीर में वसा को जमा नहीं होने देती है परंतु इसके विपरीत कुछ महिलाओं की चयापचय प्रणाली काफी धीमी गति से काम करती है, उन महिलाओं का मोटा होना अक्सर तय होता है।

#7. आनुवांशिकता

महिलाओं में मोटापा होने का एक अहम कारण अनुवांशिकता भी हो सकता है। कुछ महिलाएं जन्म से ही मोटापे का शिकार हो सकती है। अगर उस महिला के माता-पिता या फिर इन दोनों में से कोई एक मोटा हो तो आपमें भी इसकी संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा कुछ अन्य कारण भी है जो महिलाओं में मोटापे को बढ़ाते हैं, जैसे कि:

उम्र: वैसे तो मोटापे की कोई उम्र नहीं होती व यह आपको किसी भी उम्र में हो सकता है परंतु एक उम्र के बाद आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव और जीवन शैली में कम सक्रियता भी मोटापे का कारण बन सकती है।

गर्भावस्था: गर्भावस्था भी महिलाओं में मोटापे का एक अहम कारण है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है और यह वजन प्रसव होने के बाद भी कम नहीं होता। प्रसव के बाद महिला को इसे कम करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। अगर यह वजन कम ना हो तो यह थोड़े दिनों बाद मोटापे का रूप धारण कर लेता है।

मोटापा दूर करने के उपाय

#1. संतुलित आहार लेना

मोटापा कम करने के लिए आपको संतुलित आहार लेना चाहिए। इसके लिए आपको भोजन करते समय पेट भर कर नहीं खाना चाहिए बल्कि आप शुरुआत में थोड़ा ही भोजन ले। आपको नियमित अंतराल में थोड़ा-थोड़ा भोजन करना चाहिए।

#2. पौष्टिक आहार का सेवन करें

जिन महिलाओं में मोटापे की समस्या है उन्हें बाहरी, ठंडे, ज्यादा मसालेदार और मीठे आहारों का सेवन करने से बचना चाहिए। मोटापा बढ़ाने में चीनी का काफी हाथ होता है क्योंकि इसमें काफी रसायनिक पदार्थ मिले होते हैं। इसलिये आप चीनी की जगह शहद भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

आप अपने आहार में ताजे फलों और सब्जियों, अंकुरित अनाज और गर्म दूध का सेवन करें। अधपकी सब्जियों और दूध के उत्पादों जैस मक्खन, मलाई या पनीर आदि चीजों का सेवन करने से बचें।

#3. सुबह उठते ही गुनगुना पानी

सुबह उठते ही एक या दो गिलास गुनगुना पानी पिए। आप चाहे तो पानी में नींबू की कुछ बूंदे भी मिला सकती हैं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक रहेगा और आपके मेटाबॉलिक सिस्टम को भी सही ढंग से काम करने में मदद करेगा।

#4. व्यायाम करें

जो महिलाएं कम सक्रिय या गतिशील होती हैं उन्हें भी मोटापा ज्यादा होता है परंतु आप अपने ऊपर आलस्य को ज्यादा हावी न होने दें और रोजाना नियमित रूप से व्यायाम करें। परंतु इसके लिए आप भारी व्यायाम से शुरुआत ना करें बल्कि आप रोजाना तेज चले और दौड़े और हल्के फुल्के व्यायाम से शुरुआत करें।

वर्कआउट करने से शरीर मे फैट टिशू बर्न होते हैं। इसलिए आपको अपनी शरीर की क्षमता के अनुसार इसका स्तर धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। व्यायाम करने से आपके शरीर में endorphin को भी रिलीज होने में मदद मिलती है जो कि तनाव को कम करने में मदद करता है।

#5. उचित नींद भी है जरूरी

माना जाता है कि अगर इंसान अपनी पूरी नींद सोता है तो वह स्वस्थ रहता है यानी कि रोजाना 7 से 8 घंटे। यदि आप किसी कारणवश रोजाना नींद पूरी नहीं कर पाती तो आप तनावग्रस्त हो सकती हैं जो कि आपकी भूख को बढ़ाता है जिससे आपका शरीर में फैट बढ़ती है। यदि आप ज्यादा निंद्रा लेती हैं तो तो आपके शरीर की अन्य गतिविधियां नहीं हो पाती जिससे आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।

इसलिए आप अपने का सोने का टाइम टेबल सही बनाएं और रोजाना उसको फॉलो करें। यह रूटीन आपको स्वस्थ व फिट बना देगा।

इसे भी पढ़ें:


15677709301567770930
Anju Bansal
मैं एक हिंदी लेखिका हूँ जो मुख्यतया महिलाओं व माँ से जुड़े पहलुओं पर प्रमुखता से लिखती हूँ। कृष्णा की भक्त हूँ व दो बेटियों व एक बेटे की माँ।

Explore more on SHEROES

Share the Article :

Responses

  • J*****
    App ne jo likha hai Mai padha muje bahut aacha laga hame rojana es tarha ki tips diya kije ham follow jarur karege tips dene ke liye thanks 😊
  • K*****
    Jo log weight jyada hone se presan hai plz what's up me
  • M*****
    Bahot hi aaccha likha hai aise hi likh kar hume samjhte rehna mam thnx
  • R*****
    Bilkul sahi kaha
  • J*****
    Ma ek house wife hu muje stores pad na music suna garba karnaa shoping gumna ouer pic dechana bahut pasand hai
  • P*****
    Nice
  • R*****
    Nice
  • M*****
    Meneapkalekh padha bahut achha laga is taraha jankari ap dete rahena jay shree krishna