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Spardha Mann
21 Jun 2019 . 1 min read

जानें क्या है सुकन्या समृद्धि योजना


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रश्मि सिंह अपनी बेटी के लिए कुछ करना चाहती हैं। उनकी चाहत है कि वह अपनी 3 साल की बेटी के लिए अभी से बचत करें ताकि उसके बड़े होने पर पैसे उसकी पढाई और बेहतर भविष्य के लिए काम आ सकें। रश्मि ने अपने इस आईडिया को अपने अपनी सहेली से शेयर किया, जो एक बैंक में काम करती है। रश्मि की सहेली प्रिया ने रश्मि को सलाह दी कि वह अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करे। प्रिया ने रश्मि को यह भी बताया कि उसने स्वयं अपनी दोनों बेटियों के लिए इस स्कीम के तहत खाता खुलवाया है। तब रश्मि ने प्रिया से सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से पूछा और प्रिया ने रश्मि को कुछ इस तरह की जानकारी दी -

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना ?

सुकन्या समृद्धि योजना एक छोटी सी डिपॉजीट स्कीम है, जिसे छोटी बच्चियों के लाभ के लिए लॉन्च किया गया है। इस स्कीम को सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढाओ कैम्पेन के तहत शुरू किया गया था। दस साल से कम आयु कि बच्चियों के लिए यह एक बेहतरीन इन्वेस्टमेंट स्कीम है, जो उसकी पढाई के साथ उसकी शादी में भी काम आएगी। शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने से डरने वाले लोग और फिक्स्ड डिपॉजीट से अधिक रेट ऑफ इंटरेस्ट न मिलने से दुखी रहने वाले लोगों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना बहुत अच्छा है। इसमें एक – डेढ़ साल पहले तक 9.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा था, यह इन्कम टैक्स की छूट के साथ है। एक- डेढ़ साल पहले इसमें 9.2 फीसद तक का ब्याज भी लोगों को मिला है। इस लिहाज से देखा जाये तो तो सुकन्या समृद्धि योजना बेटिओं के उज्जवल भविष्य के लिए बहुत अच्छी स्कीम है।

कैसे खुलवाएं सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट ?

सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट किसी भी समय खुलवाया जा सकता है, बस बच्ची की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए। यह अकाउंट आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या कमर्शियल बैंक में खुलवा सकती हैं। इसके लिए आपके पास 250 रूपए भी होंगे तो अकाउंट खुल जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि सुकन्या समृद्धि योजना स्कीम के तहत खाता खुलवाने के लिए कम से कम 250 रूपए का डिपॉजीट होना चाहिए। हालाँकि पहले यह सीमा 2000 रूपए थी, जो बाद में कम करके मात्र 250 रूपए कर दी गयी। आने वाले साल में कम से कम 250 रूपए और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ लाख रूपए जमा कराये जा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना का यह अकाउंट जबसे खुला है, तब से लेकर बच्ची के २१ साल होने तक चलेगा, या फिर उसके १८ साल के होने के बाद शादी होने तक। यदि आपने खाता बच्ची के नौ साल की उम्र पर खुलवाया है तो बच्ची के २४ साल होने तक डिपॉजीट करना होगा। २४ से ३० की उम्र के बीच (जब अकाउंट मैच्योर होता है), बैलेंस के आधार पर अकाउंट में ब्याज जमा होता रहता है।

यदि आप उसकी उच्च शिक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए खाता से पैसे निकालना चाहती हैं तो 50 प्रतिशत की राशि निकाल सकती हैं, लेकिन वह भी तब वह 18 की हो जाये।

सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाने के नियम

सुकन्या समृद्धि योजना का यह खाता बच्ची के जन्म से १० साल होने तक के बीच कोई भी उसके माता- पिता या क़ानूनी अभिभावक खुलवा सकते हैं। लेकिन जमा करने वाला बच्ची के नाम पर इस नियम के अनुसार केवल एक ही अकाउंट खुलवा और ऑपरेट कर सकता है। एक ही बच्ची के लिए दो अकाउंट नहीं खुलवाए जा सकते हैं। जिस बच्ची के नाम पर अकाउंट खुलवाना है, उसका जन्म प्रमाण पत्र पोस्ट ऑफिस या बैंक में खाता खुलवाते समय जमा करना जरूरी है। इसके साथ ही जमा कराने वाले का पहचान पत्र और निवास का प्रूफ भी जमा कराना जरूरी है।

#1. जरूरी कागज़

सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट खुलवाने के लिए बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र  सम्बंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करना जरूरी है। इसके बिना सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ किसी को नहीं मिल सकता है। इसके अलावा, बच्ची के माता- पिता या अभिभावक का पहचान पत्र और पता का प्रमाण पत्र भी जमा करना आवश्यक है।

#2. कितना जमा करा सकते हैं

सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट २५० रूपए जैसे कम रकम के साथ भी खोला जा सकता है। आप चाहें तो इससे ज्यादा रकम का भी खाता खुलवा सकती हैं। लेकिन शर्त यही रहेगी कि एक आर्थिक साल में कम से कम २५० रूपए जमा करना जरूरी है, लेकिन एक साल में एक अकाउंट में डेढ़ लाख से ज्यादा रूपए जमा नहीं कराये जा सकते हैं। फिर आप चाहे एक बार में जमा कराएँ या कई बार में। यह जमा कराने का काम अकाउंट खुलने से लेकर १५ साल पूरे होने तक आप करा सकती हैं। एक ९ साल की बच्ची के लिए डिपॉजीट तब तक चालू रहनी चाहिए, जब तक कि वह २४ साल की नहीं हो जाती है। २४ से ३० के बीच (जब अकाउंट मैच्योर हो जाता है) तो बैलेंस के आधार पर अकाउंट में ब्याज जमा होता रहता है।

#3. जब न करा पायें जमा

कोई अनियमित अकाउंट जिसमें न्यूनतम राशि भी जमा नहीं हो रही है तो उसे ५० रूपए प्रति साल की पेनाल्टी पर नियमित किया जा सकता है। यदि पेनाल्टी यानी दंड को नहीं जमा किया गया है तो पूरी डिपॉजीट जिसमे डिफॉल्ट से पहले वाली भी शामिल है, सेविंग्स बैंक के रेट पर पोस्ट ऑफिस में ब्याज के तौर पर रहेगी। इस समय बैंक रेट के ब्याज का दर ४ प्रतिशत है। यदि अतिरिक्त ब्याज को जमा कर दिया गया है तो यह रिवर्स हो जाएगा।

#4. कैसे करें डिपॉजीट

अकाउंट में डिपॉजीट नगद या चेक के जरिये कराया जा सकता है। या फिर आप चाहें तो डिमांड ड्राफ्ट या एंडोर्समेंट के जरिये भी अकाउंट में पैसे जमा करा सकती हैं। सम्बंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस में ई- ट्रांसफर के जरिये भी डिपॉजीट कराया जा सकता है, हां वहां पर कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस उपस्थित होना चाहिए। साथ ही राशि जमा कराने वाले को नाम और अकाउंट जिसके नाम पर होगा, उसका नाम भी लिखवाना जरूरी है। यदि डिपॉजीट चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिये करा रही हैं तो चेक या डिमांड ड्राफ्ट का इनकैशमेंट की तारीख वही होगी, जो अकाउंट के क्रेडिट की तारीख होगी। लेकिन ई- ट्रांसफर के मामले में यह डिपॉजीट की तारीख होगी।

#5. पासबुक

अकाउंट खोलते समय एक पासबुक दिया जाता है, जिसमें बच्ची की जन्म तारीख, अकाउंट खोलने की तिथि, अकाउंट होल्डर का पता और जमा राशि लिखी होती है। अकाउंट में राशि जमा कराते समय और ब्याज लेते पासबुक को पोस्ट ऑफिस या बैंक को दिखाना होता है। समयायाही नहीं, मैच्योरिटी के समय भी अकाउंट को बंद करते समय इस पासबुक को दिखाना आवश्यक है।

#6. मैच्योरिटी से पहले अकाउंट बंद

ऐसी स्थिति तब आती है जब सुकन्या समृद्धि योजना वाले अकाउंट होल्डर की समय से पहले मृत्यु हो जाये। ऐसी स्थिति में उसका मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाकर अकाउंट बंद कराया जा सकता है। ऐसे में अकाउंट में जमा राशि उसके माता- पिता या अभिभावक को ब्याज के सहित दे दी जाती है।  अगर अकाउंट होल्डर चाहे तो अकाउंट खुलवाने के पांच साल बाद भी सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट बंद करवा सकता है। लेकिन यह उन बीमारियों की स्थिति में किया जाता है, जिसमें जीवन को खतरा हो ताकि इस राशि की मदद से उसके जीवन को बचाया जा सके। अन्य कारणों में यदि सुकन्या समृद्धि योजना को बंद किया जा रहा है तो उस पर ब्याज सेविंग्स अकाउंट के अनुसार ही मिलता है।

#7. अकाउंट ट्रांसफर

सुकन्या समृद्धि योजना का काउंट देश के किसी भी हिस्से में ट्रांसफर हो सकता है। बस इसके लिए अकाउंट होल्डर या उसके माता- पिता या उसके अभिभावक को यह साबुत देना होगा कि वह देश के किसी अन्य हिस्से में स्थान्तरित हो गए हैं। यदि आपके पास साबुत नहीं है तो सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट शिफ्ट करने के लिए उस पोस्ट ऑफिस या बैंक को १०० रूपए की राशि चुकानी पड़ती है, जहां अकाउंट ट्रांसफर करना है।

#8. एनआरआई बच्ची के नाम पर

कोई भी बच्ची तभी सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट खुलवा सकती है, यदि अकाउंट खुलने के दौरान वह भारत की नागरिक है और अकाउंट के बंद या मैच्योर होने पर भी। भारत में न रहने वाले भारतीय सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं। बल्कि यदि आपकी बच्ची भारत कि नागरिक नहीं रही तो जी समय से उसने अपनी नागरिकता बदली है, तब से उसे ब्याज मिलना बंद हो जाएगा और अकाउंट को भी बंद माना जाएगा।

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में इतने विस्तार से जानने के बाद रश्मि सिंह ने न केवल अपनी  बेटी का अकाउंट खुलवाया, बल्कि अपने घर में काम करने वाली अपनी सहायिका की बिटिया के लिए भी साथ में अकाउंट खुलवा दिया। रश्मि अब निश्चिन्त हैं कि बड़े होने पर उनकी बेटी को उच्च शिक्षा के लिए किसी का मोहताज नहीं होना पड़ेगा। उनकी सहायिका ने भी रश्मि को धन्यवाद दिया। आप कमेन्ट सेक्शन में जरूर बताइयेगा कि आपको यह जानकारी कैसी लगी?

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Spardha Mann
नौ सालों का मेनस्ट्रीम प्रिंट मीडिया का अनुभव. उसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में फ्रीलांसिंग. 3 किताबों की अनुवादक भी.

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Responses

  • K*****
    Mujhe achi lagti Lekin ye samjh nahi aaya ki par manth kitne dene hoge ya sal me kitne bharne h
  • G*****
    Bahut achi hai yojana
  • D*****
    Thanku so much for dis important information...
  • $*****
    I did it for my gal as soon as she born within one month...
  • A*****
    Very useful Thanksgiving
  • S*****
    Useful information
  • P*****
    Bhut hi achi jaankari ladkiyon ke mata pita ke liye ji 💛 se sukriya apka Spardha ji 🙏👍☺️